Tuesday, 28 June 2016

पापों का प्रक्षालन करना ही दान होता है- जनसंत मुनि विरंजन सागर जी 

पापों का प्रक्षालन करना ही दान होता है- जनसंत मुनि विरंजन सागर जी 

No comments:

Post a Comment